शाहरुख़ खान : अपनी नाकामयाबी को फाई करता है स्वीकार

इस समय बालीवुड के शहंशाह शाहरुख़ खान अपनी आने वाली फिल्म रईस कि प्रमोशन में बिजी है। इसी दौरान लोगो से बात करते हुए शाहरुख़ खान बताते है अपने से जुडी कुछ रोचक जानकारियाँ। शाहरुख अपनी फिल्मों की असफलता को लेकर डर, दुःख और अफसोस जैसी बातों पर कहते हैं कि अगर वह अपने किसी काम में फेल हो जाते है तो उससे उन्हें दुःख या अफसोस नहीं होता बल्कि वह असफलता में भी खुशी महसूस करते हैं।

शाहरुख़ खान  मानते है कि सफल होने के लिए इंसान को साफ़ मन से म्हणत करनी चाहिए उसके बाद कामयाबी आपके पास आ ही जाती है। शाहरुख कहते हैं, ‘मैं चाहूंगा कि अपने काम में हमेशा कुछ नया करते-करते गलत हो या फेल हो जाऊं तो मुझे ज्यादा सुकून मिलेगा। जो काम कर चुका हूं वही करते-करते मुझे सफल होने में कोई ज्यादा खुशी नहीं होगी। मैं चाहता हूं की कुछ नया काम करके बॉक्स ऑफिस की कमाई के साथ-साथ लोगों को कुछ नया दिखा और समझा सकूं।’

शाहरुख आगे कहते हैं, ‘मैं शुरू से ही कुछ नया करने की कोशिश में ‘अशोका’, ‘रा वन’, ‘पहेली’ और ‘फैन’ जैसी बड़े-बड़े बजट और बैनर की कई और फिल्मों में फेल हो चुंका हूं। मुझे असफलता से कोई फर्क नहीं पड़ता, न ही कोई दुःख होता है। मैं तो फेल होने पर खुश और मजबूत हो जाता हूं, सोचता हूं कि जो हो गया वह हो गया अब फिर से नया क्या हो सकता है। फेल हुए भी तो उसमें बहुत कुछ सीखने और समझने को मिलता है। असफलता मुझे फिर से नया काम करने का हौंसला और ताकत देती है।’

शाहरुख कहते हैं, ‘जब लोग बाहर से एक स्टार की जिंदगी को देखते हैं तो वह उनकी कमाई और पैसे से उनके रुतबे को आंकने की कोशिश करते हैं। यह जरूरी भी है लेकिन सिर्फ पैसे से किसी चीज की तुलना करना ठीक नहीं है।’ शाहरुख की फिल्म रईस 25 जनवरी को रिलीज के लिए तैयार है, फिल्म का निर्देशन राहुल ढोलकिया ने किया।