थायराइड के लक्षण कारण और उपाय

थायराइड ऐसी समस्या है जिससे ज्यादातर लोग परेशान है | पुरुषो के मुकाबले महिलाओं में को थायराइड होने की संभावना ज्यादा होती है. अगर इस रोग के लक्षण पता हो तो सही समय पर इसका इलाज शुरू कर के इसे बढ़ने से रोक सकते है और साथ ही अगर इस बीमारी के कारण पता हो तो इससे बचने के लिए उपाय किए जा सकते है. थायराइड 2 प्रकार का होता है, ह्यपरथीरोइड और ह्य्पोथयरॉइड अगर आप थायराइड से परभावित है तो घरेलू नुस्खे से भी इसका इलाज कर सकते है. आइए जाने लक्षण और उसके उपाए

थिराइड टेस्ट कैसे करे

अगर आपको थायराइड के लक्षण दिखे या मान मे कोई डाउट हो तो थायराइड का टेस्ट करवाए. इसके लिए T3, T4 और TSH टेस्ट से बॉडी मे थायराइड का लेवेल चेक किया जाता है.


टेस्ट करवाने से पहले एक बात का ख़याल रखे की टेस्ट के 12 घंटे पहले तक कुछ ना खाए पिए. यानि टेस्ट को खली पेट कराना है

लक्षण और उसके उपाए

थायराइड की वजह से बॉडी का मेटबॉलिज़म रेट कम हो जाता है जिस कारण हम जो खाते पीते है वो सही तरीके से ऊर्जा(एनर्जी) मे नहीं  बदल पता और बॉडी को ज़रूरी एनर्जी नहीं मिल पति.

इस रोग से परभावित कई महिलाओ को आँखो के रोग भी हो जाते है, जेसे आँखो मे खुजली होना और सूजन आना.

कुछ महिलाओं की बॉडी मे पानी और दूसरे फ्लूयिड्स का अवरोधन होने लगता है जिससे हाथ और पैरो मे सूजन आने लगती है.

इस रोग के सिंप्टम्स मे बॉडी की इम्यूनिटी का कम होना भी एक है. इम्यूनिटी कमजोर होने से शरीर की रोगो से लड़ने की क्षमता कम होने लगती है.

डिप्रेशन मे रहना, दिमाग़ की सोचने और समझने की ताक़त कम होना, किसी काम मे मन ना लगना और यद्यार्श  कमजोर होने भी इस बीमारी के कुछ लक्षण है.

गले मे सूजन आना सुई जेसा चुभना और आवाज़ मे भरपान आना.

थकान नींद आना और वीकनेस महसूस होने लगती है.

ह्य्पोथयरॉइड के लक्षण

वजन बढ़ना

कब्ज होना

जाड़ा ठंड लगना

आवाज़ भारी होना

त्वचा मे रूखापन आना

भूख ना लगना या कम लगना

आँखो और फेस पर सूजन आना

गर्दन सिर और जोड़ो मे दर्द होना

ह्यपरथीओइड  के  लक्षण

वजन कम होना

हार्ट बीट बढ़ना

जाड़ा पसीना आना

हाथो और पैरो मे कप कपि होना

थायराइड होने के कारण

टेंशन ज्यादा लेने से इसका बुरा असर थायराइड ग्रंथि पर पड़ता है.

दवा (मेडिसिन) के साइड एफेक्ट से भी कई बार ये रोग हो जाता है.

थायराइड की प्राब्लम खाने मे आइयडाइन की मात्रा कम या ज्यादा होने के कारण भी हो जाती है.

प्रेग्नेन्सी मे प्रेग्नेंट औरत को थिराइड होने की संभावना अधिक होती है क्यूकि इस समय में बॉडी मे कई पार्कर के हॉर्मोनल परिवर्तन होते है.

सोया प्रॉडक्ट्स के अधिक इस्तेमाल से भी ये समस्या हो सकती है. कुछ लोग सोया को प्रोटीन पाउडर, कॅप्सुल और सुप्प्लिमेंट्स के रूप मे लेते है.

पोलुशन का बुरा असर हमारी सेहत पर पड़ता है इससे साँस के रोग तो होते ही है साथ ही हवा के जहरीले कन थायराइड ग्रंथि को नुकसान पहुँचते है.

फेमिली मे किसी को ये रोग हो तो फेमिली के दूसरे मेंबर्स को भी थायराइड होने चांस बढ़ जाते है.

थायराइड घरेलू ट्रीटमेंट टिप्स

इस रोग से परभावित रोगी को डाइट मे विटामिन ा ज्यादा लेना चाहिए. हरी सब्जियो और गाजर मे विटामिन A ज्यादा होता है जिससे थायराइड कंट्रोल करने मे मदद मिलती है.

हर रोज 3 से 4 लिटेर पानी पीये इससे शरीर मे जमा विशेले पदार्थ बाहर निकालने मे मदद मिलती है.

थायराइड मे क्या खाए जानने के साथ ये भी जानना ज़रूरी है क्या नहीं खाना चाहिए. सिगरेट, शराब और दूसरे नशे से दूर रहे.

हफ्ते मे 1 दिन नारियल पानी पिए.

सफेद नमक खाने की बजे सेंधा या कला नमक इस्तेमाल करे.

आयोडीन से थायराइड कंट्रोल करने मे मदद मिलती है, पर जितना हो सके नॅचुरल तरीके से ही आयोडीन का सेवन करे जेसे प्याज, टमाटर एर लहसुन.

अगर कोई शादीशुदा महिला प्रेग्नेंट होने का सोच रही है और उसे थायराइड की समस्या है तो उसे प्रेग्नेन्सी प्लान करने से पहले डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए और थायराइड कंट्रोल होने के बाद हो गर्भ धारण करने का सोचे.

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