मुस्लिम देशो पर बैन, ट्रम्प को लगा बड़ा झटका

अमेरिका के राष्ट्रिपति डोनाल्ड ट्रम्प ने 7 मुस्लिम देशो के नागरिको पर 90 दिन के लिए अमेरिका में प्रवेश पर बैन लगाया था, उनके इस फैसले का कड़ा विरोध किया गया। लेकिन ट्रम्प अपने फैसले पे अडिग थे और उन्होंने अपना फैसला नहीं बदला। इस यात्रा प्रतिबन्ध पर कोर्ट ने ट्रम्प के विरुद्ध फैसला सुनकर ट्रम्प को एक बड़ा झटका दिया है। अमेरिका की एक संघीय अपील अदालत ने रविवार को उनके प्रशासन के उस आग्रह को ठुकरा दिया जिसमें मांग की गई थी कि सात मुस्लिम बहुल देशों के नागरिकों पर यात्रा प्रतिबंध को तत्काल बहाल किया जाए। जस्टिस डिपार्टमेंट के वकीलों ने सैन फ्रांसिस्को स्थित नौवीं सर्किट से संबंधित अमेरिकी अपीली अदालत में निचली अदालत के उस फैसले को चुनौती दी थी, इस विवादास्पद शासकीय आदेश के क्रियान्वयन पर अस्थायी रोक लगाई गई है।

 

जब से ट्रम्प ने यह फैसला लिया था इस पर मिलीजुली प्रतिक्रियाएं आ रही थी जिसमे ट्रम्प विरोधिय का ज्यादा जोर था। अपीली अदालत ने कहा कि राष्ट्रपति की प्रतिबद्धता की न्यायिक अपेक्षा किया जाना विदेश मामलों, राष्ट्रीय सुरक्षा और आव्रजन को लेकर राजनीतिक शाखाओं के संवैधानिक प्राधिकार में नाजायज घुसपैठ होगी।’ ट्रंप प्रशासन के वकीलों ने सात मुस्लिम बहुल देशों के नागरिकों और शरणार्थियों के देश में प्रवेश को रोकने वाले ट्रंप के आदेश पर देशव्यापी अस्थायी रोक लगाने के सिएटल के संघीय जज जेम्स रॉबर्ट के फैसले के खिलाफ अपील दायर की थी।


अदालत के शुक्रवार को आए फैसले के तुरंत बाद राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने अमेरिकी डिस्ट्रिक्ट जज जेम्स रॉबर्ट की ट्विटर पर खिल्ली उड़ाते हुए उन्हें ‘तथाकथित जज’ बताया और कहा कि उनका ‘बेतुका’ फैसला पलट जाएगा। अदालत के निर्णय के बाद गृह सुरक्षा विभाग ने घोषणा की कि उसने आव्रजन आदेश का क्रियान्वयन स्थगित कर दिया है और वह यात्रियों की जांच की पहले लागू प्रक्रिया ही बहाल करेगा। साथ ही उसने न्याय विभाग से ‘जितनी जल्दी हो सकें’ इस फैसले को चुनौती देने का अनुरोध किया था।

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