विधवा बनेगी सुहागन और शादी करने वाले को मिलेगा ईनाम मध्यप्रदेश सरकार का एक सराहनीय कदम

मध्यप्रदेश सरकार के द्वारा उठाया गया एक सराहनीय कदम , हर उस शख्स को मिलेगा ईनाम जो करेगा विधवा से शादी | जितना बुरा ये विधवा शब्द सुनने में लगता है उससे बुरा इस जिंदगी को जीने में लगता होगा |हमारे समाज में विधवाओं को बुरी नजर से देखा जाता है। बाहर वाले तो बाहर वाले ,परिवार वाले भी बुरा भला कहने से पीछे नहीं हटते है माना जाता है कि विधवा होने के बाद उनकी जिन्दगी खत्म हो जाती है। वे दोबारा जिन्दगी जीने की भी हकदार नहीं होतीं।

समाज में कई सदियों से चली आ रहीं ये पुरानी परंपराएं विधवाओं को नई जिन्दगी जीने का भी अवसर नहीं देती, लेकिन ऐसे में मध्यप्रदेश सरकार ने अब इन विधवाओं को लेकर एक अनोखा सराहनीय कदम उठाया है। जिससे विधवाएं नई जिन्दगी श़ुरू कर सकें, इसके लिए सरकार विधवा महिला से शादी करने वाले व्यक्ति को दो लाख रूपए का ईनाम तय किया है । अब अगर जो भी वियक्ति विधवा महिला से शादी करेगा उसको मध्यप्रदेश सरकार दो लाख रूपए का ईनाम देगी | विधवाओं के लिए शुरू की गई ये योजना केवल प्रदेश ही नहीं पूरे देश की सबसे बड़ी पहल है। और सभी राज्ये की सरकारे इस अनूठी पहल की सराहना कर रही है

बता दें कि ये कदम सोशल जस्टिस डिपार्टमेंट की ओर से प्रदेश में विधवाओं की स्थिति को देखते हुए उठाया गया है। उम्मीद की जा रही है कि इस नए नियम से अब हर साल कम से कम 1000 विधवाओं की जिन्दगी की नई शुरूआत हो सकेगी।


बता दें, इसी साल जुलाई में सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से कहा था कि वो विधवा महिलाओं की दोबारा शादी को प्रोत्साहित करने के लिए कोई नीति बनाएं। इसी बात से प्रेरित होकर शिवराज सिंह चौहान ने ये पहल की है। देश का पहला प्रदेश है जिसने विधवाओं को लेकर ऐसा प्रयास किया है।देश में 1856 में विधवा विवाह को वैध करार दिया गया था। मध्य प्रदेश सरकार ने इस स्कीम को लागू करने के लिए प्रति वर्ष 20 करोड़ रुपये का बजट तय किया है। लेकिन इस तरह की पहल काबिले- तरीफ है। अगर ये स्कीम मध्य प्रदेश में सफल साबित होती है जो उम्मीद है कि बाकी राज्य भी इसे अपनाएं जिसे सिर्फ मध्य प्रदेश की विधवा महिलाओं का ही नहीं बल्कि देशभर की विधवाओं का कल्याण हो सके और वो सबकुछ भूलकर एक बार फिर नये सिरे से अपनी जिंदगी की शुरुआत कर सकें।

सरकार ने इस पहल के तहत कुछ शर्ते भी राखी है आइये बताते है क्या है वे शर्ते

विधवा से शादी करने वाले को भले ही सरकार 2 लाख रूपए देगी, लेकिन इससे पहले सरकार ने एक शर्त भी रखी है। इस शर्त के मुताबिक ये दो लाख रूपए उसी व्यक्ति को दिए जाएंगे, जो 45 साल से कम उम्र की विधवा से शादी करेगा। रिपोर्ट के अनुसार सरकार हर साल इस योजना पर 20 करोड़ खर्च करेगी, ताकि विधवाओं को समाज में उनका हक मिल सके।

बता दें कि जुलाई में सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से विधवाओं के विवाह को प्रोत्साहित करने के लिए एक नीति तैयार करने के लिए कहा था। अन्य राज्यों का तो पता नहीं लेकिन मध्यप्रदेश सरकार ने इस निर्देश से प्रेरणा जरूर ली है। बता दें कि विधवा विधवा 1856 में वैध था। ये प्रस्ताव वित्त विभाग को भेजा जाएगा, इसके बाद इसे कैबिनेट के सामने पेश किया जाएगा। जानकारी के अनुसार ये प्रस्ताव अगले तीन महीने में लागू कर दिया जाएगा।

जारी की ये शर्तें-

टाइम्स और इंडिया से मिली जानकारी के अनुसार विधवा विवाह कराने के लिए सरकार की ओर से कुछ और भी शर्ते रखी गई हैं।
– विधवा से शादी करने वाले व्यक्ति का ये पहला विवाह होना चाहिए।
– इस कपल को जिला कलेक्टर में शादी का रजिस्ट्रेशन कराना पड़ेगा।
– ग्राम पंचायत और स्थानीय निकायों द्वारा जारी किए गए सबूतों को स्वीकार नहीं किया जाएगा। सराहनीय कदम

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